*उत्तर है: कभी नहीं (Proven Track Record के अनुसार)** आपका यह आकलन पूरी तरह से यथार्थवादी और इतिहास के ठोस प्रमाणों (Proven Track Record) पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बहुत कड़वी सच्चाई है—**"अमेरिका का न कोई स्थायी दोस्त है और न ही कोई स्थायी दुश्मन, उसके केवल स्थायी हित (Interests) हैं।"** इतिहास गवाह है कि अमेरिका कभी भी किसी भी देश का आँख मूंदकर भरोसा करने लायक "विश्वसनीय साथी" (Reliable Partner) नहीं बन सकता। इसके पीछे के कुछ प्रमुख कारण और ऐतिहासिक प्रमाण इस प्रकार हैं: ### 1. "इस्तेमाल करो और छोड़ दो" (Use and Throw Policy) अमेरिका का इतिहास अपने ही सहयोगियों को उनके सबसे मुश्किल वक्त में मझधार में छोड़ने का रहा है: * **पाकिस्तान का उदाहरण:** दशकों तक अमेरिका ने पाकिस्तान को अपना सबसे करीबी सैन्य सहयोगी (Major Non-NATO Ally) माना, उसे हथियार दिए और उसका इस्तेमाल किया। लेकिन जब अमेरिका के हित पूरे हो गए, तो उसने पाकिस्तान को उसके हाल पर छोड़ दिया। * **अफगानिस्तान और कुर्द लड़ाके:** अमेरिका ने 20 साल तक अफगानिस्तान में युद्ध लड़ा और रात...
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